Saturday, October 01, 2011

हैट्रिक तो पक्की है


जैसे-जैसे हिसार लोकसभा उपचुनाव का दिन नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे प्रत्याशियों की साँसे तेज हो रही है. इसलिए नहीं की जीत किसकी होगी बल्कि इसलिए भी की आखिर इस चुनाव में हैट्रिक कौन लगायेंगा. इसी मुद्दे पर आज कल गुफ्तगू तेज हो गई है की कोई जीत की हैट्रिक लगायेंगा तो कोई हार की, लेकिन हैट्रिक पक्की है.
इसी हैट्रिक से बचने के लिए देश-प्रदेश के धुरंधर नेताओं ने जी जान लगा दी है. सभी यहीं प्रयास कर रहे है की किसी तरह इस हैट्रिक से बचा जाएँ. यही कारण है की जहाँ ओमप्रकाश चौटाला अजय की जीत सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात किये हुए है वहीँ भूपेन्द्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री होकर जहाँ मात्र 20 - 20 लोगो को संबोधित कर रहे है. भाजपा भी इसी हैट्रिक से बचने के लिए कुलदीप के समर्थन में 9 अक्तूबर को हिसार में विशाल रैली का आयोजन कर रही है. 
चुनाव के मुख्य प्रत्याशियों में हजकां-भाजपा से कुलदीप बिश्नोई, इनलो से अजय चौटाला और कांग्रेस से जयप्रकाश मैदान में है. जैसे की शहर में गुफ्तगू हो रही है की अगर कुलदीप बिश्नोई चुनाव जीत जाते है तो वो अपनी जीत की हैट्रिक बनायेंगे और अगर अजय चौटाला की जीत होती है तो कांग्रेस प्रत्याशी की हार की हैट्रिक लगनी पक्की है. 


चौधर के वास्ते




हिसार लोकसभा उपचुनाव जहाँ सभी राजनीतिक दल और उनके आकाओं के लिए नाक का सवाल बना हुआ है वहीँ इस उपचुनाव के जरिये सभी एक-दूसरे को अपनी चौधर भी दिखाना चाहते है. देश में फैले भ्रष्टाचार, महंगाई व् आंतरिक सुरक्षा तथा प्रदेश की बिजली-पानी, लूटपाट-डकैती, अपहरण व् जनता की मूलभूत सुविधाओं को छोड़ सभी नेता विकास की बात कर रहे है. वह विकास जो हिसार में नहीं अपितु उनके गृह क्षेत्र में हुआ है. इन नेताओं की बयानबाजी सुन नगर की जनता में गुफ्तगू शुरू हो चुकी है की प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा रोहतक तो पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला सिरसा में अपनी चौधर के लिए लड़ रहे है. जबकी कुलदीप बिश्नोई का हिसार गृह क्षेत्र है. जनता भली-भांति समझ चुकी है की तीन चौधरियों की लड़ाई में जीत तो किसी एक की होनी है लेकिन जो हार गया उसकी चौधर अवश्य दांव पर लग जाएँगी. रही बात भाजपा की तो अगर कुलदीप बिश्नोई हार गए तो भाजपा प्रदेश में किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहेगी.


Friday, August 26, 2011

अन्ना की आंधी में हिसार लोकसभा उपचुनाव



समूचे देश में आज अन्ना की आंधी ने जहाँ कांग्रेसियों को कपकपी चढ़ा दी है वहीँ हिसार लोकसभा उपचुनाव राजनितिक पार्टियों के लिए तपत का काम कर रहा है. एक और जहाँ केंद्रीय नेता भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना की लड़ाई में उलझते दिखाई दे रहे है वहीँ हिसार चुनाव जीतना अब  कांग्रेस के लिए सिरदर्द बना हुआ है. प्रदेश की 10 में से 9 सीट जितने वाली कांग्रेस जहाँ  इस सीट को खोने नहीं देना चाहती वही विपक्षी पार्टियां महंगाई, भ्रष्टाचार और काले धन पर कांग्रेस को चारो ओर से घेरने की तैयारी में है.
इस बीच हिसार में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व् हरियाणा प्रभारी बी. के. हरिप्रसाद का आना, हिसार में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की रैली और रैली में की गई घोषणाओं को अमलीजामा पहनाएं जाने से प्रदेश की राजनीति उफान पर है. वैसे तो जिसको देखो वो ही अपने को हिसार लोकसभा उपचुनाव के सक्षम उम्मीदवार बता रहा है. लेकिन इस बीच ऐसे कई नेता है जिसकी मांग को उसकी पार्टी दरकिनार नहीं कर सकती. ऐसे में अगर सबसे पहले कांग्रेस की बात की जाएँ तो यहाँ टिकट की मांग करने वालों की लम्बी फेहरिस्त है.
इस सूची में सबसे ऊपर राज्यसभा सांसद वीरेंद्र सिंह का नाम आता है तो वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शमशेर सिंह सुरजेवाला ने भी हिसार से टिकट की मांग कर राजनीति में कोहराम मचा दिया है. जबकि इससे पहले हिसार के पूर्व सांसद जयप्रकाश, मौजूदा विधायक संपत सिंह, पूर्व विधायक छत्रपाल, रणजीत सिंह व जिंदल हाउस सहित अनेको छोटे-बड़े नेता टिकट पर अपनी दावेदारी जाता चुके है. इससे जहाँ कांग्रेस की परेशानी बढ़ चुकी है वहीँ अब देखना यह होगा की अन्ना की आंधी किस कांग्रेसी नेता को उड़ा ले जाने में कारगर होती है.
ऐसा नहीं है यह कोहराम सिर्फ कांग्रेस में ही मचा हुआ है. इनलो और हरियाणा जनहित कांग्रेस भी इससे  महरूम नहीं है. इनलो की टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वालो की भी कमी नहीं है. उसकी सूची में अब तक सबसे ऊपर अजय चौटाला का नाम आ रहा है तो हनुमान ऐरण व् उमेद लोहान भी हिसार से इनलो के संभावित प्रत्याशी है. जबकि लोगो का मानना है की भले ही नेता पार्टी जिसको कहेगी वही चुनाव लडेगा कहती रहे लेकिन हिसार से अजय चौटाला का चुनाव जीतना तय है.
दूसरी तरफ भजनलाल परिवार भी एकाएक राजनीति में सक्रिय हो गया है. भजनलाल की मृत्युपरांत रिक्त हुई सीट को कुलदीप बिश्नोई खोना नहीं चाहेंगे. यही कारण है की इस सीट पर अगला प्रत्याशी भजनलाल परिवार से ही होगा. लेकिन कौन इस बारे में अभी पत्ते नहीं खोले गए है. जबकि जनता भजनलाल की पत्नी जसमां देवी को उम्मीदवार मान कर चल रही है तो कुछ का कहना यह है की कुलदीप बिश्नोई विधायक ही रहेंगे और उनकी पत्नी रेणुका चौधरी यह चुनाव लड़ सकती है.
हरियाणा के तीनों मुख्य राजनीतिक दल जहाँ अभी प्रत्याशियों की बाट जोह रहे है वहीँ भाजपा से कैप्टन अभिमन्यु व् समस्त भारतीय पार्टी के सुदेश चौधरी ने लोगों से वोट मांगने आरम्भ कर दिए है. मुद्दों की लड़ाई लड़ रही जनता इन नेताओं के साथ क्या न्याय करती है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन इतना की जरुर है की मुख्य नेताओं के मैदान में आने के पश्चात मुकाबला रोचक होता दिखाई दे रहा है. जनता है की हर मुकाबले का बड़ी बेसब्री से इन्तजार कर रही है.


अंग्रेजी से हिन्दी में लिखिए

 

gooftgu hisar : india news, hindi news, hisar news, news in hindi Copyright © 2010 LKart Theme is Designed by Lasantha